जाने कहाँ गए वो दिन
मेरी कविताओं का संग्रह ©
Thursday, 28 June 2012
गुलमोहर के गुल ने
गुलमोहर के गुल ने
पलाश के फूल ने
अमलताश की ताश ने
महुआ की प्यास ने
जामुन की जमुनाई ने
इमली की अंगड़ाई ने
जेठ की तपन को
शीतलता में नहला दिया
वाह ! मेरे भगवन
तेरे ढंग निराले हैं
अपनी रचना में तुने
दुःख सुख
संग संग डाले हैं
2 comments:
Unknown
30 June 2012 at 08:33
Wah.......satyavachan
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Neeta parihar
27 July 2012 at 14:53
wah bahut sundar,,,:)
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Wah.......satyavachan
ReplyDeletewah bahut sundar,,,:)
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